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दादाजी चिल्लाए, 'जल्दी करो, जैसा मैंने कहा वैसा करो।
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हम शान्ति से अन्दर बैठकर समस्या का हल ढूँढ़े गे। नहीं, धन्यवाद!
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तेनालीराम की व्याख्या से महाराज खुश हो गए और तेनालीराम की प्रशंसा करने लगे|
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एक बार की बात है कि महाराज कृष्णदेव राय और
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सरदार वल्लभ भाई पटेल की पहल और
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उसी वक्त आये।
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भले ही कोख से जन्म ना दिया हो लेकिन
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अहिंसक आंदोलन ‘अंग्रेज़ों भारत छोड़ो’
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इस अभूतपूर्व सम्मान,गौरव और
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दोेनों ही अंधकार में मुक्त हो गए।
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हैरिस ने बताया कि आधुनिक समाज में
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आंदोलन की शुरुआत में ही गांधी और उनकी पत्नी
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आकर्षक लगता खास तौर पर वह जब 1 के बगल में खड़ा हो कर 19 बन जाता।
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नहीं तो वह दूसरी शादी करके आराम से रह सकती थ।
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ओर घुमाया ही था कि रामचंद्र ने अंदर कदम रखा।
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'नमस्ते, बड़े मियाँ,' उसने नक्की सुर में पुकारा।
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वह हत्या नहीं करने देंगे|
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शहर भर के लोगों ने यह कमाल का कोलम देखा।
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उसका मुँह लाल तथा चढ़ा हुआ था,
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सब हलवाई मुंशी जी को पहचानते थे,
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सहसा चंपा का मुख क्रोध से भीषण होकर रंग बदलने लगा।
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लेकिन, उनकी शुरू की गई हड़ताल और फैल गई.
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पर अब रात-दिन का रोना नहीं सहा जाता।
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देवर ने सारे कागजात दिखा दिए कि बिजनेस अब मेरे नाम पर है।
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जेल में ही गांधी की पत्नी कस्तूरबा की मौत हो गई.
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अलगू के पिता पुराने विचारों के मनुष्य थे।
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वह आदमी सोचने लगा की इसके कीमत और
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करने को तैयार नहीं था.
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मेरा कुत्ता टाइगर, घास पर सो रहा था।
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ललचाई आँखों से सबकी और देखता है.
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यहाँ से उठ आये और दफ्तर जाकर कागज उलट-पलट करने लगे,
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छोटे बच्चे मोरू के आसपास जमघट लगाने लगे।
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उस बच्ची को इस संसार में लाने में सहायक तो वह भी बनी थी।
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यह नगर बहुत स्वच्छ एवं सुंदर है।
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उन्हें एक डेयरी प्रसंस्करण उद्योग बनाने के लिए कहा,
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दोस्तों ने फुसलाया पर कोई भी मोरू को स्कूल लौटने के लिये तैयार नहीं कर पाया।
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दादाजी पेड़ से बाहर झाँक रहे थे।
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थोड़ी देर बाद भेड़िया और भेड़ियों को लेकर आया।
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मुंशीजी ने कचहरी में यह समाचार सुना।
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विभवों का सुख भोगने के लिए,
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ओर कनखी से देखा,
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'धनी ने हठ पकड़ ली, 'आप मुझे साथ आने से रोक नहीं सकते।
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तो सिद्धेश्वरी ने उठने का उपक्रम करते हुए प्रश्न किया,
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वर्गीज कुरियन ने लोयोला कॉलेज से
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महाराज ने तेनालीराम से पूछा:-
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से गांधी अब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का
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जैसे उसने कोई चोरी की हो।
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वह कहीं भी नहीं मिल रहा था|
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एक साथ जोड़ने का प्रयास किया।
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' मीनू ने कहा।
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न किसी के दुश्मन। कैसी बात कहते हो !
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अपनी बढ़ती लोकप्रियता की वजह
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सारे मॉडल्स वहीं पर तैयारी कर रही थी।
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जब वह अपनी मोटर साइकिल पर चढ़ कर
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'जी सर, इंटरव्यू का ऑडिशन यही हो रहा है?' मीनू ने काउंटर पर बैठे आदमी से कहा।
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धनी और उसके माता-पिता, बड़ी ख़ास जगह में रहते थे।
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कुवासनाओं से दबी हुई लज्जा-शक्ति इस कड़ी चोट को सहन न कर सकी।
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आजकल के न्याय करने वाले बिलकुल आँख के अँधे हैं।
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जिसमें है छूपी
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तुम्हारे भैया ने एक रोटी ली थी।'
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कोशिश कर रहे हैं और वे इसके प्रति काफी गंभीर हैं.
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मैंने मम्मी से पूछा, 'क्या मैं ये कपड़े पहन लूँ?'
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बंदर ने पैर सहलाया।
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हत्या-व्यवसायी दस्यु भी उसे देखकर काँप गया।
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मानो किसी ने अचानक थप्पड़ मार दिया हो।
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और न ही उसे बेच सकते थे.
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उन्होंने कहा कि उनके सदमे और घबराहट से उबर पाने का यही एक उपाय है।
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मैं भी उनकी युक्ति का समर्थन करता हूँ।
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अन्दर… बाहर… अन्दर… बाहर…
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जो दो-चार दिन में टूट कर गिर जाएगा'|
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मैंने संवाददाताओं से कहा, 'अब आप यहाँ से चले जाएँ।
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कुरियन ने 1965 से 1998
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उर्मी ने घबराकर पूछा ,'क्या हुआ?'
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बुधगुप्त के पूछने पर उसने कहा -
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अहिंसा की सीख भी मिली.
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एक अजीब सी आवाज़ सुन कर
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'हम लोग कहाँ होंगे?'
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'पानी लाओ।'
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रजनी को गुड़ डला गरम दूध पीना अच्छा लगता है।
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विरोध में दाँडी तक की यात्रा का नेतृत्व किया।
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इतने सारे लोग मैंने कभी नहीं देखे थे।
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मां ने उससे पर बना दिए।
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अल्लाह के बन्दे हंस दे
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कितना मनोहर, कितना सुहावना प्रभात है.
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अब सब कुछ ठीक-ठाक हो चुका था।
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चंपा-नगरी की एक क्षत्रिय बालिका हूँ।
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पर साहु जी कोड़े फटकारने लगे।
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उन दोनों मेढकों ने शायद ऊपर खड़े
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वे कह रहे थे कि पेड़ों को बचाना उनका कर्त्तव्य है।
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वादी पक्ष के गवाह भी उखड़ गये थे और बहस भी सबूत से खाली थी।
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अम्मा ज़ोर से बोलीं, 'मुझे वो वाला चाहिए! वो काला वाला।'
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अब हम तो सफ़र करते हैं
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रास्ते में ही एक हलवाई की दुकान थी।
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गोदी में खेलती हैं इसकी हज़ारों नदियाँ
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एक ऊन के धागे का या रेशम के धागे का टुकड़ा
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चंपा ने कहा।
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'शस्त्र कहाँ है - तुम्हारा नाम?'
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देख कहीं कोई रोक नहीं ले तुझको पुकार के
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तुम इतना लम्बा नहीं चल पाओगे।
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गरम दूध रखा कटोरी में,
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