Dataset Viewer
Auto-converted to Parquet Duplicate
audio
audioduration (s)
0.04
27.6
transcription
stringlengths
4
119
file_name
stringlengths
12
12
कुछ क्षण बीतने के बाद डरते-डरते उसने पूछा,
sample_70000
ज्यादातर लोग एक जमाने से चले आ रहे खेती के ढर्रे को बदलना नहीं चाहते थे।
sample_70001
'ठीक है,' टुल्लु ने कहा।
sample_70002
तो उनकी दृष्टि तेनालीराम पर पड़ी जो अपने कुर्ते की जेब से
sample_70003
स्वतंत्रता के साथ अपनी प्रबल लेखनी से
sample_70004
तत्कालीन प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री ने
sample_70005
तब लोहे से लोहा टकराता है
sample_70006
बहुत से दीन दुखी,
sample_70007
विजयनगर राज्य के महाराजा कृष्णदेव राय के दरबार में तेनालीराम का प्रथम स्थान था
sample_70008
कि तुम मौत से लड़कर आयी हो ?
sample_70009
कहो न दीदी, हूँ न मैं समझदार?
sample_70010
गांधी के इस ब्रिटेन दौरे के बारे में
sample_70011
रामचंद्र ने उठते हुए प्रश्न किया,
sample_70012
हर कोई यही कह रहा था औरत हो तो सविताजी जैसी
sample_70013
ज़रा आँख में भर लो पानी
sample_70014
रहस्य कथाएँ अकेली रहेंगी।
sample_70015
लहरा लो तिरंगा प्यारा
sample_70016
महाराज कृष्णदेव राय जादूगर से बोले:-
sample_70017
इंपीरियल इंस्टीट्यूट ऑफ
sample_70018
मैं देखने और इन्तज़ार करने के अलावा कुछ नहीं कर सकता था।
sample_70019
सर्दी के मौसम को संस्कृत में शिशिर ॠतु कहते हैं।
sample_70020
मासूम सी मीनू बड़ी खुश हो गई कि वह भी तो परी बन गई है, खुशी खुशी वो स्कूल चली गई।
sample_70021
लेकिन लोग हमें चैन नहीं लेने दे रहे।
sample_70022
फलियों पर उनका कोई स्वत्व है या नहीं;
sample_70023
उन्होंने प्रत्येक राज्य के प्रत्येक गांव-कस्बों में मुनादी करवा दी कि
sample_70024
जुम्मन ने क्रोध से कहा-अब इस वक्त मेरा मुँह न खुलवाओ।
sample_70025
इसी तरह से एक महीना बीत गया अचानक रश्मि में की तबीयत में बदलाव आने लगा।
sample_70026
कह दूंगी घर पर मरा हुआ बच्चा पैदा हुआ था|
sample_70027
दिन की रोशनी धुँधला चली थी।
sample_70028
कलह का बीज बोकर यह सम्पत्ति मेरे किस काम आयेगी?
sample_70029
तो सिद्धेश्वरी ने उठने का उपक्रम करते हुए प्रश्न किया,
sample_70030
टूटा टूटा एक परिंदा ऐसे टूटा
sample_70031
किंतु यहाँ अधिकांश दुकानों के
sample_70032
लेकिन यह भी बात थी कि
sample_70033
'यह कड़वे नीम के पौधे को उपहार में भेजने का तुम्हारा क्या मतलब है'? क्
sample_70034
दोनों ही झल्लाये हुए कुत्ते की तरह चढ़ बैठते और
sample_70035
चित्रकारों के दल ने एक बैठक की
sample_70036
सब लोग जी जान से अपने काम में जुटे थे।
sample_70037
दीदी, दीदी, कभी-कभी मैं सोचता हूँ…
sample_70038
तंग, अँधेरी, दुर्गन्धपूर्ण कीचड़ से
sample_70039
चीता हो।
sample_70040
उसके दादा के गाँव में लोग बाँस की टोकरियों में
sample_70041
मनुष्यों को उन्हें बेमुरौवत कहने का क्या अधिकार है,
sample_70042
उस पेड़ के ऊपर एक चील घोंसला बनाकर रहती थी जहाँ उसने अंडे दे रखे थे.
sample_70043
मनोरंजक घटनाओं से भरपूर यह कहानी पढ़िए और
sample_70044
पर होने वाले विरोध-प्रदर्शनों को भारतीय समाज के सभी वर्गों
sample_70045
उस हीरे के व्यापारी ने जब वो पत्थर देखा तो देखता रह गया,
sample_70046
ग्रामीणों का वह छोटा-सा दल,
sample_70047
रोज ईद का नाम रटते थे.
sample_70048
काफी आगे बढ़ाकर गली के छोर की तरफ निहारा,
sample_70049
प्रभावित होकर कौन लोग दयालु बन जाते हैं.
sample_70050
बुधगुप्त, वह दिन कितना सुंदर होता,
sample_70051
फिर वे घास पर चलते मेरी तरफ़ आये।
sample_70052
कक्षा में वह अपने को कैद महसूस करता था।
sample_70053
इसके बाद उन्होंने जमशेदपुर स्थित टिस्को में
sample_70054
'आप नीचे आ जाइये। हम आपको पेड़ के ऊपर नहीं छोड़ सकते।'
sample_70055
शायद मोरू ने भी ऐसा ही किया। वह और बहुत कुछ करने लगा।
sample_70056
'काका, अब इस उम्र में आपने क्या नया रोग पाल लिया है।
sample_70057
अब आज ही उनकी तरफ से
sample_70058
उन्होंने अपने मन में फैसला किया कि गॉँव मेरा है।
sample_70059
के लिए अनशन करना शुरू किया.
sample_70060
उनकी अपनी जेबों में तो
sample_70061
वह देववाणी के सदृश है-और देववाणी में मेरे मनोविकारों का
sample_70062
और जब वे परेशान हो जाते हैं तो मैं भी पेरशान हो जाता हूँ।
sample_70063
की शुरुआत की.
sample_70064
गांधी पढ़ने के लिए लंदन चले गए.
sample_70065
दोनों मित्रों ने अपनी मित्रता को और
sample_70066
तब वह चौपड़ और बड़ा-सा पासा निकालती है।
sample_70067
उनकी गिरफ़्तारी के बाद असहयोग आन्दोलन शुरू हुआ और पूरे भारत में लोगों ने स्कूल,
sample_70068
मैदान में पत्थर पड़ा था।
sample_70069
इधर आओ और ध्यान से सुनो
sample_70070
चमार मृदंग बजा-बजा कर गाते थे-
sample_70071
सदृश पैसे को खूब पकड़ती।
sample_70072
अगर वह चिमटा ले जाकर दादी को दे दे,
sample_70073
दशहरा के दिन यानि नौरात्रों के दसवें दिन, मनु और
sample_70074
उनके सामने कोई वकील जबान तो खोल नहीं सकता।
sample_70075
'आपकी अवहेलना करने वाले या कम चिंता करने वाले और
sample_70076
तेज़ी से भागते हुए वह पैर का दर्द भी भूल गया।
sample_70077
की लहरों के साथ खेलते हैं।
sample_70078
टुल्लु और बुल्लु ने एक दूसरे की ओर देखा।
sample_70079
बहू ने सास की ओर देख कर कहा-हमको ऐसा धन न चाहिए,
sample_70080
यहाँ देवराज इंद्र ने कन्याकुमारी मंदिर के द्वितीय प्रकार के
sample_70081
उन्होंने दीवार पर झाँका जहाँ वह रोज़ टाँगें झुलाए बैठा रहता था
sample_70082
उसका मुख पीला पड़ गया।
sample_70083
तभी उन्हें लंदन के मशहूर इनर टेम्पल में क़ानून की
sample_70084
ऐसे में नए कपड़ों के बारे में सोचना तो बहुत ही कठिन था घर में थर्माकोल का टुकड़ा पड़ा था।
sample_70085
'हमारे सुयोग मित्र ने हमारे ऊपर अनाथों के साथ दगा करने का दोष लगाया है।
sample_70086
मछलियों ने दोनों की रस्सियाँ बाँध दी थीं!
sample_70087
दरबारों और कमेटियों में वे सम्मिलित होते,
sample_70088
और पास की नीम के पेड़ पर बैठा
sample_70089
अदालत ने माना तो माना, नहीं तो हार माननी पड़ेगी।
sample_70090
रामचंद्र ने खाने की ओर दार्शनिक की भाँति देखा।
sample_70091
उस मेंढक ने इशारा करके बताया की
sample_70092
परंतु दो महाशय इस कारण रियायत करना चाहते थे कि
sample_70093
हलवे-पुलाव की वर्षा-सी की गयी;
sample_70094
जाइए, एकांत में बैठ कर सोचिए।
sample_70095
‘ये बहुत डरावना और घृणास्पद है कि
sample_70096
टाइगर चिंचिंयाता अंदर भागा।
sample_70097
वह केवल सुंदर जाल था,
sample_70098
काला आकाश, गर्म हवा और हरी घास पर टहलता मैं।
sample_70099
End of preview. Expand in Data Studio
README.md exists but content is empty.
Downloads last month
5